
Bihar Chunav 2025 LIVE:
बिहार विधानसभा चुनाव का रंग अब पूरी तरह चढ़ चुका है। पहले चरण में 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं, तो वहीं महागठबंधन की एकता पर 9 सीटों की लड़ाई ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अचानक चुनावी मैदान से पीछे हटने का ऐलान कर सभी को चौंका दिया है. जेएमएम की यह घोषणा उस समय आई, जब बिहार के सीमावर्ती जिलों में पार्टी ने तैयारी लगभग पूरी कर ली थी और कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तक तय कर लिए गए थे. सवाल उठता है कि ऐसा अचानक फैसला क्यों लिया गया और इससे बिहार के चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा?
बात करें 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा ने तब 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. पार्टी का प्रभाव मुख्य रूप से झारखंड की सीमा से सटे जिलों, जमुई, बांका, कटिहार, किशनगंज और भागलपुर में माना जाता है, जहां संथाल और आदिवासी मतदाता मौजूद हैं. लेकिन नतीजे पार्टी के पक्ष में नहीं रहे. 2020 के चुनाव में JMM को वोट शेयर मात्र 0.23% मिला, यानी लगभग 59,500 वोट मिले थे.
2020 के चुनाव में नहीं मिली कामयाबी
संथाल परगना के आसपास के इलाकों में पार्टी की पहचान तो है, लेकिन प्रभाव सीमित रहा है. इस लिहाज से कहा जा सकता है कि जेएमएम बिहार में अब तक ‘सिंबॉलिक’ मौजूदगी वाली पार्टी रही है, न कि निर्णायक खिलाड़ी.
संथाल परगना के आसपास के इलाकों में पार्टी की पहचान तो है, लेकिन प्रभाव सीमित रहा है. इस लिहाज से कहा जा सकता है कि जेएमएम बिहार में अब तक ‘सिंबॉलिक’ मौजूदगी वाली पार्टी रही है, न कि निर्णायक खिलाड़ी.




